वैदिक ज्ञान
नर्मदेश्वर पूजा विधि
घर में शिवलिंग की स्थापना और दैनिक जलाभिषेक की सरल एवं शास्त्रोक्त विधि।
स्थापना के नियम
- 1.शिवलिंग की जलधारी का मुख हमेशा उत्तर (North) दिशा की ओर होना चाहिए।
- 2.घर में रखा जाने वाला शिवलिंग अंगूठे के आकार से लेकर 6-8 इंच तक का होना शुभ माना जाता है।
- 3.नर्मदेश्वर शिवलिंग स्वयंभू होते हैं, इसलिए इनकी प्राण प्रतिष्ठा की आवश्यकता नहीं होती। इसे सीधे मंदिर में स्थापित कर पूजा की जा सकती है।
दैनिक जलाभिषेक विधि
प्रातः काल स्नान के पश्चात तांबे या पीतल के लोटे में शुद्ध जल लें। यदि संभव हो तो उसमें थोड़ा गंगाजल और कुछ दाने अक्षत (चावल) मिला लें।
मंत्र उच्चारण:
“ॐ नमः शिवाय”
(जल चढ़ाते समय इस पंचाक्षरी मंत्र का निरंतर जाप करें)
अभिषेक के पश्चात शिवलिंग पर भस्म या चंदन का त्रिपुंड लगाएं और बिल्वपत्र (बेलपत्र) अर्पित करें। बेलपत्र के तीनों पत्ते जुड़े होने चाहिए।