ॐ नमः शिवाय — पंचाक्षर मंत्र
ॐ नमः शिवाय शैवधर्म का पंचाक्षर मंत्र है — पांच अक्षरों का मंत्र जो वैदिक ज्ञान में सबसे शक्तिशाली ध्वनियों में से एक है।
पांच तत्व
| अक्षर | तत्व | शरीर क्षेत्र | अर्थ |
|---|---|---|---|
| न | पृथ्वी | पैर और आधार | स्थिरता |
| म | जल | उदर | प्रवाह, शुद्धि |
| शि | अग्नि | हृदय | परिवर्तन |
| व | वायु | कंठ | विस्तार, श्वास |
| य | आकाश | मुकुट चक्र | मुक्ति |
सही जप विधि
- पद्मासन में बैठें, रीढ़ सीधी
- रुद्राक्ष माला (108 मोती) हाथ में लें
- गहरी श्वास — 4 गिनती अंदर, 4 गिनती बाहर
- धीरे-धीरे जप करें: ॐ... न-मः शि-वा-य
- 108 जप पूर्ण करें

मंत्र कंपन का विज्ञान
सही ढंग से जप करने पर:
- परानुकंपी तंत्रिका तंत्र सक्रिय
- कोर्टिसोल (तनाव हार्मोन) कम
- अल्फा मस्तिष्क तरंगें बढ़ती हैं
महामृत्युंजय मंत्र
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥
